फलों, सब्जियों और अनाज से होने वाली एलर्जी के ये हैं लक्षण

Fruits and vegetables

जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर-रिएक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं. इस स्थिति में हमारा इम्यून सिस्टम कुछ खास चीजों को स्वीकार नहीं कर पाता और नतीजा रिएक्शन के रूप में दिखता है.

एलर्जी का कारण सिर्फ धुल -मिटटी, खुसबू, धुआं या मौसम से होने वाली एलेर्जी ही नहीं होती बल्कि हमारे रोजमर्रा में खाये जाने वाले फल ,सब्जी,या अनाज भी इस की वजह हो सकती है. लेकिन एलर्जी का पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.
एलर्जी का कारण हर व्यक्ति में अलग अलग हो सकते है. हमारा शरीर कई बार कुछ पदार्थों को लेकर काफी संवेदनशील हो जाता है. इन पदार्थों का सेवन करते ही उसका असर भी शरीर पर दिखने लगता है. कभी कभी कोई पदार्थ खाने के थोड़े समय बाद ही शरीर में खुजली होना, लाल चखते होना या रेशेज होना ऐसे कई कारण हो सकते है. दुनियाभर में लगभग 6% बच्चे व 4% फूड एलर्जी से पीड़ित हैं.

क्या है एलर्जी

जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर-रिएक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं. इस स्थिति में हमारा इम्यून सिस्टम कुछ खास चीजों को स्वीकार नहीं कर पाता और नतीजा रिएक्शन के रूप में दिखता है. ज्यादातर एलर्जी खतरनाक नहीं होतीं, लेकिन कभी-कभार समस्या गंभीर भी हो सकती है.

पहचाने एलर्जी के लक्षण

  • बेचैनी होना .
  • आंखों में जलन होना .
  • दस्त या कब्ज, पेट दर्द और वजन बढ़ना या कम होना.
  • चक्कर आना, जोड़ों या हड्डियों में दर्द और एनीमिया.
  • महिलाओं में मासिक धर्म का अनियमित होना.
  • त्वचा पर निशान बनना या खुजली होना .

कारण

सब्जी, फलों से एलर्जी

सब्जी व फल उगाने के दौरान जो कीटनाशक दवाइयां प्रयोग मे लायी जाती हैं तो कुछ लोगों को उन कीटनाशक दवाइयों से एलर्जी होती है. जिस कारण ऐसे फल, सब्जी खाने से उनको एलर्जी का सामना करना पड़ता है.
अगर आपके साथ ऐसा हो तो आप और्गेनिक सब्जी और फल खा सकते हैं. इस तरह के फल-सब्जी सिंथेटिक कीटनाशकों से मुक्त होती हैं. अगर इनके प्रयोग से एलर्जी ठीक हो जाती है तो आप उन चीजों का सेवन कतई न करें जो आपको नुकसान दे .लेकिन अगर आपको और्गेनिक फल सब्जी खाने से भी फायदा न हो तो तो आपको किसी विशेष फल या सब्जी से एलर्जी हो सकता है.
उदाहरण के लिए जिन्हें लेटेक्स से एलर्जी होती है वो केला, ऐवोकेडो, किवी जैसे फलों का सेवन न करें .कुछ लोगों को सब्जी और फल किसी खास रूप में एलर्जी नहीं देते. जैसे कि सेब का मुरब्बा ,एप्पल पाई खाने से कुछ नहीं होता लेकिन ताजा सेब खाने से एलर्जी हो जाती है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि हाई हीट पर पकाने से एलर्जी पैदा करने वाले प्रोटीन खत्म हो जाते हैं.

अनाज से एलर्जी

यह एलर्जी 150 लोगों में एक को होती है, इस बीमारी का कारण है शरीर का ग्लूटेन नामक प्रोटीन को अवशोषित न कर पाना. ऐसे में जब भी व्यक्ति ग्लूटेन युक्त किसी खाद्य पदार्थ का सेवन करता है, तो वह बीमार हो जाता है. इस बीमारी को सीलिएक कहते है यह छोटी आंत की बीमारी है. यह बीमारी गेहूं, राइ और जौ जैसे ग्लूटेन वाले पर्दार्थो से होती है .यह किसी भी व्यक्ति को बचपन ,किशोरावस्था से लेकर वयस्क होने तक किसी भी उम्र में हो सकती है . जरूरी है कि रोटी, अनाज युक्त नाश्ता, पास्ता और पिज्जा जैसे किसी पदार्थ का सेवन न करें क्योंकि इसमे ग्लूटेन होता है . गेहूं के आटे की जगह मक्का या चावल का आटा प्रयोग मे लें. एलर्जी से बचने का उपाय सिर्फ मरीज के ही हाथों में होता है.